Written By: Sachin Chaturvedi @sachinbakul
Updated on: October 08, 2022 14:12 IST

ऑनलाइन विदेशी मुद्रा का विक्रय

विशेषकर विदेशी यात्रा का एक अलग ही रोमांच होता है। यह रोमांच चाहे भ्रमण के लिए हो या व्यापार के लिए हो, विदेशी मुद्रा का विनिमय और उससे जुड़ी परेशानियाँ एक जैसी ही होती हैं। लेकिन जब आप इस ट्रिप से वापस आ जाते हैं तब बची हुई विदेशी मुद्रा को आप बेचने का प्रयास करते हैं।

अधितर स्थितियों में विदेश यात्रा पर जाने वाले अपने साथ किसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए थोड़ी एक्स्ट्रा विदेशी मुद्रा ले कर जाते हैं। क्यूंकी वे जानते हैं कि विदेशी मुद्रा को विदेशी धरती पर खरीदना महंगा और समय लगाने वाला होता है। इसलिए देर से सुरक्षा भली वाला नियम यहाँ भी लागू होता है और जरूरत से थोड़ी अधिक विदेशी करेंसी अपने साथ लेकर जाएँ और किसी भी अनदेखी परेशानी से बचें। ट्रिप से वापस आने के बाद अगर आप अपनी बची हुई विदेशी मुद्रा का विक्रय नहीं करते हैं तो वह आपके लिए मृत धन के समान है। कुछ लोग यह काम इसलिए भी नहीं कर पाते हैं कि वे ऑनलाइन विक्रय या एजेंट के माध्यम से विक्रय में से उपयुक्त माध्यम का चयन नहीं कर पाते हैं। थॉमस कुक के पास आपकी हर समस्या का हल है। फिर भी यदि आप अपनी अनुपयोगी विदेशी मुद्रा को ट्रिप कि यादगार बना कर, किसी डर के कारण या ठीक जानकारी न होने के कारण अपने पास रखना चाहते हैं तो इस्क्में कोई समझदारी नहीं है।

थॉमस कुक में विशेष क्या है ?

थॉमस कुक के माध्यम से न केवल आप अच्छे रेट पर विदेशी मुद्रा का क्रय कर सकते हैं बल्कि लाभकारी रेट पर बेच भी सकते हैं। हमें विश्व के सबसे अधिक भरोसेमंद ट्रेवल कंपनीयों के सहयोगी होने का सौभाग्य प्राप्त है और इसी कारण हम आपको विदेशी मुद्रा के लिए सबसे अच्छी कीमत प्रदान करते हैं। बात चाहे होटल की हो, या फ्लाइट की हो, हम आपकी हर जगह विदेशी मुद्रा विनिमय की ज़रूरत का ख्याल रखते हैं। हमारे विशेषज्ञ आपकी हर प्रकार की ज़रूरत को अच्छी तरह न केवल समझते हैं बल्कि उनके अनुसार सेवाएँ और सुविधाएं प्लान करके आपके ट्रिप को खुशगवार और यादगार बना देते हैं।

ऑनलाइन विदेशी मुद्रा का विक्रय कैसे हो ?

सबकी जिंदगी में घूमना-फिरना वो सपना होता है जिसे सब अपनी जिंदगी में बार-बार पूरा करना चाहते हैं। चाहे वो कोई मनोरंजक यात्रा हो या कोई बोरिंग बिजनेस ट्रिप, सफल यात्रा के लिए सफल प्लानिंग की बहुत ज़रूरत होती है। इसके लिए बहुत ज़रूरी है कि आपके पास एक अच्छा ट्रेवल पार्टनर हो वो हर काम करे जिससे आपकी किसी भी ट्रिप को सरल और खुशगवार बनाया जा सके। इसी प्रकार कि एक ज़िम्मेदारी होती है विदेशी करेंसी का खरीदना और बेचना। हो सकता है आपके लिए विदेशी मुद्रा को बेचने का काम अच्छीखासी कठिनाई का काम हो सकता है लेकिन थॉमस कुक का अनेक वर्षों का अनुभव इस परेशानी को सरलता से हल कर सकता है। तो चिंता किस बात की, अब विदेशी मुद्रा को बेचने का काम अब बीते दिनों की बात है क्यूंकी थॉमस कुक आपकी विदेशी मुद्रा संबंधी सभी परेशानियों का एक ही हल है।

थॉमस कुक के माध्यम से आप विदेशी मुद्रा को ऑनलाइन खरीदने और बेचने का कार्य बड़ी सरलता से कर सकते हैं। इसके लिए बस आपको थॉमस कुक की वेबसाइट पर लॉगिन करें, विदेशी मुद्रा विक्रय के पेज पर सभी ज़रूरी जानकारी भरें और बस आपका काम हो गया। थॉमस कुक के विदेशी मुद्रा के रेट ऑनलाइन विधि में सबसे अच्छे रेट माने जाते हैं। आप ऑनलाइन विधि से विदेशी मुद्रा का विक्रय करेंसी, ट्रेवलर चेक या फोरेक्स कार्ड, किसी भी रूप में हो, आसानी से कर सकते हैं। आपके विदेशी मुद्रा विक्रय के काम को सुविधाजनक बनाने के लिए हमारा एक अनुभवी कर्मचारी आपके घर जाकर करेंसी ले भी सकता है। थॉमस कुक में हमारी कोशिश रहती है कि हर यात्री को हमारी सेवाओं का सबसे अच्छा अनुभव हो सके। यहाँ तक कि अपनी वेबसाइट के माध्यम से हम आपकी एप्लिकेशन को बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ाने का काम भी करते हैं जिससे आप अपना बहुमूल्य समय और एनर्जी को दूसरे ज़रूरी कामों में लगा सकें। इसलिए जब अगली बार आप विदेशी मुद्रा को बेचने का काम करने का निर्णय लें तो बेहिचक थॉमस कुक से संपर्क करें।

हमारी दूसरी सेवाओं में अनेक सेवाओं के अतिरिक्त ऑनलाइन वीज़ा एप्लिकेशन सेवा, ट्रिप प्लानिंग, आवश्यकतानुसार एडजस्टिड हॉलिडे टूर और पैकेज़ आदि शामिल हैं। थॉमस कुक के सहयोगी आपके विदेश यात्रा फोरेक्स सिग्नल (विदेशी मुद्रा संकेत) क्या है को खुशगवार बनाने में कोई कसर नहीं रखते हैं!

Forex Reserve: विदेशी मुद्रा भंडार 6.561 अरब डॉलर बढ़कर 531 अरब डॉलर हुआ, स्वर्ण भंडार में भी इजाफा

Forex Reserve: आरबीआई की ओर से जारी साप्ताहिक सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (एफसीए) जो समग्र भंडार का एक प्रमुख घटक है समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 28 अक्टूबर तक 5.772 बिलियन अमरीकी डॉलर बढ़कर 470.847 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया है।

फॉरेक्स रिजर्व

भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि 28 अक्टूबर को समाप्त हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 6.561 अरब डॉलर बढ़कर 531.081 अरब डॉलर हो गया है। बता दें कि इससे पिछले समीक्षाधीन सप्ताह में देश में विदेशी मुद्रा का समग्र भंडार 3.847 बिलियन डॉलर घटकर 524.52 डॉलर हो गया था।

बता दें कि अक्टूबर 2021 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 645 बिलियन अमरीकी डालर के सर्वकालिक उच्चततम स्तर पर पहुंच गया था। उसके बाद वैश्विक परिस्थितियों के बीच केंद्रीय बैंक आरबीआई को गिरते रुपये को बचाने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग करना पड़ा है, जिससे इसमें गिरावट आई।

शुक्रवार को आरबीआई की ओर से जारी साप्ताहिक सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (एफसीए) जो समग्र भंडार का एक प्रमुख घटक है समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 28 अक्टूबर तक 5.772 बिलियन अमरीकी डॉलर बढ़कर 470.847 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया है। इसके अंतर्गत डॉलर, यूरो व पाउंड जैसी विदेशी मुद्रा आते हैं। इसके तहत डॉलर के मुकाबले अन्य विदेशी मुद्राओं पर पड़ने प्रभावों की भी गणना की जाती है।

28 अक्तूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान देश के स्वर्ण भंडार का मूल्य भी 556 मिलियन अमरीकी डॉलर बढ़कर 37.762 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 185 मिलियन अमरीकी डॉलर बढ़कर 17.625 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों से पता चलता है कि आईएमएफ के साथ देश की आरक्षित स्थिति भी समीक्षाधीन सप्ताह में 48 मिलियन अमरीकी डालर बढ़कर 4.847 बिलियन अमरीकी डालर हो गई।

विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि 28 अक्टूबर को समाप्त हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 6.561 अरब डॉलर बढ़कर 531.081 अरब डॉलर हो गया है। बता दें कि इससे पिछले समीक्षाधीन सप्ताह में देश में विदेशी मुद्रा का समग्र भंडार 3.847 बिलियन डॉलर घटकर 524.52 डॉलर हो गया था।

बता दें कि अक्टूबर 2021 में फोरेक्स सिग्नल (विदेशी मुद्रा संकेत) क्या है देश का विदेशी मुद्रा भंडार 645 बिलियन अमरीकी डालर के सर्वकालिक उच्चततम स्तर पर पहुंच गया था। उसके बाद वैश्विक परिस्थितियों के बीच केंद्रीय बैंक आरबीआई को गिरते रुपये को बचाने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग करना पड़ा है, जिससे इसमें गिरावट आई।

शुक्रवार को आरबीआई की ओर से जारी साप्ताहिक सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (एफसीए) जो समग्र भंडार का एक प्रमुख घटक है समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 28 अक्टूबर तक 5.772 बिलियन अमरीकी डॉलर बढ़कर 470.847 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया है। इसके अंतर्गत डॉलर, यूरो व पाउंड जैसी विदेशी मुद्रा आते हैं। इसके तहत डॉलर के मुकाबले अन्य विदेशी मुद्राओं पर पड़ने प्रभावों की भी गणना की जाती है।

28 अक्तूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान देश के स्वर्ण भंडार का मूल्य भी 556 मिलियन अमरीकी डॉलर बढ़कर 37.762 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 185 मिलियन अमरीकी डॉलर बढ़कर 17.625 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों से पता चलता है कि आईएमएफ के साथ देश की आरक्षित स्थिति भी समीक्षाधीन सप्ताह में 48 मिलियन अमरीकी डालर बढ़कर 4.847 बिलियन अमरीकी डालर हो गई।

फोरेक्स फ्लैग विदेशी मुद्रा चार्ट पैटर्न

झंडा चित्रमय मूल्य मॉडल एक नाबालिग, लघु अवधि है, ट्रेंड कॉन्टीनुअशन पैटर्न पिछले दिशा पता चलता है कि इसके गठन के बाद भविष्य में प्रबल होगा। लिए के रूप में दैनिक चार्ट पैटर्न आम तौर पर एक सप्ताह के भीतर का गठन किया है.

फार्मेशन

इस पैटर्न दो समानांतर ट्रेंडलाइनें द्वारा प्रतिनिधित्व किया है, एक सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस, उच्च और निम्न श्रेणी के बीच पकड़े हुए कीमतों के भीतर, नेत्रहीन एक समानांतर चतुर्भुज बनाती या एक ध्वज के गठन और आम तौर पर मुख्य ट्रेंड. के खिलाफ निर्देशित है। पैटर्न अक्सर एक तेज गहन आंदोलन के बाद में प्रवेश की कीमत की विशेषता है.

फोरेक्स फ्लैग विदेशी मुद्रा चार्ट पैटर्न

world map

इंटरप्रिटेशन ऑफ़ फोरेक्स फ्लैग

इस प्रतिमान के माध्यम से तोड़ने के मामले में ट्रेंड आंदोलन दिशा की पुष्टि करता है:

  • एक सिग्नल बेचें उठता है अगर पैटर्न एक दोनट्रेंड में गठन किया है और कीमत समर्थन रेखा से नीचे गिर जाता है (प्लस कुछ विचलन हो सकता है) ;
  • एक खरीदने के संकेत पैदा अगर पैटर्न एक अपट्रेंड में गठन किया है और कीमत रेजिस्टेंस फोरेक्स सिग्नल (विदेशी मुद्रा संकेत) क्या है रेखा से ऊपर बढ़ जाता है (प्लस कुछ विचलन संभव है) .

टारगेट प्राइस

कीमत आम तौर पर माना जाता है एक फ्लैग पैटर्न गठन के बाद उसी में परिवर्तित करने के लिए पैटर्न द्वारा करने से पहले कम से कम चल रहा था दिशा कीमत के रूप में एक ही राशि बदल प्रवृत्ति की शुरुआत से ध्वज का गठन करने के लिए। लक्ष्य के स्तर निम्नानुसार परिकलित की जाती है :

Foreign Currency Reserve: विदेशी मुद्रा भंडार 2 साल में सबसे कम! भारत के लिए यह बहुत बुरी खबर है?

देश का विदेशी मुद्रा भंडार अक्टूबर 2021 में 645 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। जो 30 सितंबर को समाप्त सप्ताह में यह 4.854 अरब डॉलर घटकर 532.664 अरब डॉलर रह गया।

Sachin Chaturvedi

Written By: Sachin Chaturvedi @sachinbakul
Updated on: October 08, 2022 14:12 IST

Forex - India TV Hindi

Photo:FILE Forex

रिजर्व बैंक इस समय दोराहे पर आ खड़ा हुआ है। एक और रुपया पाताल में धंसता नजर आ रहा है, वहीं घटते निर्यात और बढ़ते आया से विदेशी मुद्रा भंडार भी दिनों फोरेक्स सिग्नल (विदेशी मुद्रा संकेत) क्या है दिन सिकुड़ता नजर आ रहा है। उस पर विदेशी निवेशकों की रवानगी ने रिजर्व बैंक और सरकार का सिर चकरा दिया है। रुपये को 80 के स्तर से नीचे गिरने से रोकने के लिए पिछले महीने रिजर्व बैंक करीब 100 अरब डॉलर झोंक चुका है। लेकिन इसके बावजूद रुपया 82 से नीचे फिसल चुका है।अब रिजर्व बैंक का पूरा जोर रुपये को बचाने की बजाए विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने पर है।

लगातार नौवें सप्ताह आई गिरावट

देश के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट का सिलसिला जारी रहने के बीच 30 सितंबर को समाप्त सप्ताह में यह 4.854 अरब डॉलर घटकर 532.664 अरब डॉलर रह गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। विदेशी मुद्रा भंडार इससे पिछले सप्ताह में 8.134 अरब डॉलर कम होकर 537.

518 अरब डॉलर पर रहा था।

Rupee

Image Source : FILE

1 साल में 100 अरब डॉलर की गिरावट

वैश्विक फोरेक्स सिग्नल (विदेशी मुद्रा संकेत) क्या है घटनाक्रमों के कारण रुपये की विनियम दर में गिरावट को रोकने के जारी प्रयासों के बीच विदेशी मुद्रा भंडार में यह कमी आई है। देश की विदेशी मुद्रा भंडार अक्टूबर 2021 में 645 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। आरबीआई की तरफ से शुक्रवार को जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, फॉरेन करंसी असेट्स (एफसीए) में गिरावट के कारण 30 सितंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में कमी फोरेक्स सिग्नल (विदेशी मुद्रा संकेत) क्या है आई है। एफसीए दरअसल समग्र भंडार का एक प्रमुख हिस्सा होता है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एफसीए 4.406 अरब डॉलर घटकर 472.807 अरब डॉलर रह गया।

स्वर्ण भंडार में भी आई कमी

डॉलर के संदर्भ में एफसीए में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में वृद्धि या मूल्यह्रास का प्रभाव शामिल है। आंकड़ों के अनुसार, सोने के भंडार का मूल्य 28.फोरेक्स सिग्नल (विदेशी मुद्रा संकेत) क्या है फोरेक्स सिग्नल (विदेशी मुद्रा संकेत) क्या है 1 करोड़ डॉलर घटकर 37.605 अरब डॉलर पर आ गया है। समीक्षाधीन सप्ताह में, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के पास जमा विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 16.7 करोड़ डॉलर बढ़कर 17.427 अरब डॉलर हो गया। आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि समीक्षाधीन सप्ताह में आईएमएफ के पास सुरक्षित देश का मुद्रा भंडार 4.826 अरब डॉलर पर अपरिवर्तित रहा।

Forex Card: कौन ले सकता है फॉरेक्‍स कार्ड, क्‍या हैं इसके फायदे और कितना देना होगा चार्ज; जानिए सबकुछ

फॉरेक्‍स कार्ड लोगों को विदेशी मुद्रा देने में मदद करता है। यह आसानी से कई देशों की मुद्रा प्रोवाइड करा फोरेक्स सिग्नल (विदेशी मुद्रा संकेत) क्या है सकता है।

Forex Card: कौन ले सकता है फॉरेक्‍स कार्ड, क्‍या हैं इसके फायदे और कितना देना होगा चार्ज; जानिए सबकुछ

जानिए Forex Card कार्ड के लाभ (फोटो-Freepik)

विदेश में सफर करने के लिए विदेशी मुद्रा की आवश्‍यकता होती है। अगर आप विदेश में फोरेक्स सिग्नल (विदेशी मुद्रा संकेत) क्या है सफर करने वाले हैं, तो विदेशी मुद्रा हासिल करने में आपको समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में फॉरेक्‍स कार्ड विदेशी मुद्रा प्राप्‍त करने के काम को आसान बनाता है। यह एक डेबिट कार्ड की तरह है, जो विदेश में आवश्‍यकता पड़ने पर निकासी के लिए इस्‍तेमाल किया जा सकता है।

कौन ले सकता है फॉरेक्‍स कार्ड

केवल भारतीय नागरिक, जिन्‍होंने केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की है फॉरेक्‍स कार्ड के लिए अप्‍लाई कर सकता फोरेक्स सिग्नल (विदेशी मुद्रा संकेत) क्या है है। नॉन रेजिडेन्ट भारतीय फॉरेक्‍स कार्ड के लिए अप्‍लाई नहीं कर सकते हैं। माता-पिता या पैरेंट की ओर से आवेदन पत्र पर सिग्‍नेचर करने के बाद 12 वर्ष से अधिक आयु के नाबालिगों को कार्ड जारी किया जा सकता है।

किन दस्‍तावेजों की होगी जरूरत

फॉरेक्‍स कार्ड आवेदन फॉर्म ऑनलाइन और फोरेक्स सिग्नल (विदेशी मुद्रा संकेत) क्या है ऑफलाइन भरा जा सकता है। इस फॉर्म के साथ कुछ दस्‍तावेजों की आवश्‍यकता होती है। फॉरेक्‍स कार्ड के लिए सेल्‍फ अटेस्‍टेड पासपोर्ट की एक कॉपी, वीज़ा और कन्फर्म टिकट की खुद से सत्‍यापित की गई कॉपी देनी होती है।

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कितना लगेगा चार्ज

फॉरेक्‍स कार्ड बनवाने से पहले लोगों को इसके चार्जेज के बारे में जान लेना चाहिए। कार्ड जारी करने, मुद्रा लोड करने या टॉप अप करने, एटीएम से निकासी, बैलेंस पूछताछ, सुविधा शुल्क इत्यादि के संबंध में कार्ड पर किए गए लेनदेन पर लगाए गए शुल्क की जांच करनी चाहिए। यह चार्ज बैंक या कंपनी की ओर से अलग-अलग लगाया जाता है।

फॉरेक्‍स कार्ड के फायदे

इस कार्ड के तहत कंपनी या बैंक यात्री पर बीमा भी प्रदान करती है। एक फॉरेक्‍स कोर्ड के तहत कई विदेशी मु्द्रा रखी जाती है। फॉरेक्‍स कार्ड की समय सीमा 5 साल के लिए होती है। इस कार्ड को 60 दिनों के अंदर प्राप्‍त किया जा सकता है। अगर विदेश यात्रा के दौरान धन का उपयोग नहीं किया गया है, तो इसे भारत आने की तारीख से 180 दिनों के भीतर बैंक को वापस करना होगा।

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